आलूबुखारा के साथ कद्दू का खोरश
इस खोरश में एक अलग ही पतझड़ी एहसास है, चाहे आप इसे गर्मियों के बीच में ही क्यों न बनाएं। नरम गोश्त, खट्टे-मीठे आलूबुखारे और तले हुए कद्दू का मेल ऐसा संतुलन बनाता है जो न ज्यादा मीठा होता है न ज्यादा खट्टा। बिल्कुल वैसा ही जैसा मन चाहता है। सबसे पहले गोश्त को प्याज़ के साथ अच्छे से भूनें ताकि कच्ची गंध खत्म हो जाए। इसमें जल्दी न करें। फिर पानी डालें और धीमी आंच पर पकने दें। हल्की-हल्की उबाल की आवाज़ बताएगी कि आप सही रास्ते पर हैं। पहले से धुले हुए आलूबुखारे अब बर्तन में डाल दें ताकि वे गोश्त के साथ नरम होकर स्वाद छोड़ें। अब मसालों की बारी है। चीनी, नींबू का रस, थोड़ा सा टमाटर पेस्ट और घुला हुआ केसर डालें। चखें। अगर स्वाद थोड़ा इधर-उधर लगे तो बेझिझक समायोजित करें। आखिर में, जो कद्दू आपने अलग से दोनों तरफ से तल लिए हैं, उन्हें या तो ऊपर सजा दें या धीरे से खोरश में डालें। बस ध्यान रहे कि वे टूटें नहीं। दो-तीन उबाल काफी हैं। खोरश को बस जमना चाहिए, तेज उबलकर खराब नहीं होना चाहिए।
- समय: 60 मिनट
- सर्विंग: 4
स्रोत: Ashpazkhune
सामग्री
- pc प्याज़
- नींबू का रस
- वनस्पति तेल
- to taste नमक
- to taste काली मिर्च
- पानी
- टमाटर पेस्ट
- चीनी
- pc तोरी
- सूखे आलूबुखारे
- गोमांस स्टू मीट
- केसर का पानी