खोरश्त कर्फस
खोरश्त कर्फस की खुशबू मुझे हमेशा नानी के घर की याद दिलाती है। वही समय जब हांडी में धीमी आंच पर उबलता रहता था और सब लोग इंतज़ार करते थे कि दोपहर के खाने में क्या बनेगा। लेकिन सच कहूं तो बहुत से लोग इससे नाखुश रहते हैं। कभी कड़वा हो जाता है, कभी बिल्कुल फीका। जाना-पहचाना लगता है ना? यहां एक आज़माया हुआ तरीका है। न अजीब, न मुश्किल। बस थोड़ा सब्र चाहिए और हर चीज़ सही वक्त पर हांडी में जानी चाहिए। पहले प्याज़ और मांस, फिर सब्ज़ियां, और फिर इंतज़ार। हां, सब्र बहुत ज़रूरी है। असली तरकीब? कर्फस और पुदीना अलग-अलग भूनो। जब कर्फस हल्का सुनहरा हो जाए और पुदीना बस एक पल के लिए अपनी खुशबू छोड़ दे, तब समझो काम सही है। आखिर में अंगूर का खट्टा रस। न पहले, न ज़्यादा। यही छोटी सी बात इस स्टू का स्वाद जगा देती है। सादे चावल, थोड़ा सा आलू का कुरकुरा तला हिस्सा और एक कटोरी दही के साथ… इससे बेहतर और क्या चाहिए?
- समय: 115 मिनट
- सर्विंग: 4
स्रोत: Ashpazkhune
सामग्री
- pc प्याज़
- वनस्पति तेल
- to taste नमक
- काली मिर्च
- पानी
- टमाटर पेस्ट
- हल्दी
- अजवाइन डंठल
- सूखी पुदीना
- मिक्स हर्ब्स
- कच्चे अंगूर का रस
- मेमने का मांस
- पिंटो बीन्स